एक बार संता बाज़ार से एक बोलने वाला तोता खरीदकर लाया.
उस तोते की विशेषता थी कि यदि उसकी बाईं टांग को पकड़कर उठाओ तो ‘राम-राम’ बोलता था और दाईं टांग को पकड़कर उठाओ तो ’सत श्री अकाल’ बोलता था.
एक दिन जब संता का दोस्त बंता उसके घर आया तो उसने रोब जमाने के लिए अपना तोता उसे दिखाया.
तोते की बाईं टांग उठाई…तोता बोला – ‘राम-राम !’
दाईं टांग उठाई … तोता बोला – ‘सत श्री अकाल !’
बंता यह देखकर बड़ा प्रभावित हुआ … बोला -’अगर दोनों टांगें पकड़कर उठाईं जाएँ तो …?’
जैसे ही दोनों टाँगे उठायीं गईं, तोता चिल्लाया – “गिराओगे क्या … हरामजादों !!”
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एक दिन संता की बेटी ने कहा – “पापा, कल आपके घर में एक सदस्य कम हो जायेगा !”
और अगले दिन वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई.
दुःख बांटने आये अपने दोस्त बंता से संता ने कहा – “लड़की ने काम तो गलत किया, पर थी वो पूरी ज्योतिषी”
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नेता की पत्नी: सुनो जी, मेरी चप्पल टूट गई है। शाम को मेरे लिए एक जोड़ी चप्पल लेकर आना।
नेता: शाम को एक जगह मेरा भाषण है। तुम भी मेरे साथ चलना और अपनी पसंद की जितनी मर्जी जोड़ियां उठा लाना!
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संता (ज्योतिषी से) – महाराज, बताइए मेरी शादी कब होगी ?
ज्योतिषी – कभी नहीं होगी.
संता – क्यों ?
ज्योतिषी – कैसे होगी ? तुम्हारे भाग्य में तो सुख ही सुख लिखा है … !
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ज्योतिषी – “आज किसी को तुमसे बड़ी निराशा होगी.”
ग्राहक – “शायद आप ठीक कह रहे हैं. मैं अपना पर्स घर पर ही भूल आया हूँ !”
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ज्योतिषी : अच्छा, तो आप अपने प्रेमी का भविष्य जानना चाहती हैं ?
गीता : जी नहीं, उसका भविष्य तो मेरे हाथ में है। आप तो उसके अतीत के बारे में बताइये ……
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उस तोते की विशेषता थी कि यदि उसकी बाईं टांग को पकड़कर उठाओ तो ‘राम-राम’ बोलता था और दाईं टांग को पकड़कर उठाओ तो ’सत श्री अकाल’ बोलता था.
एक दिन जब संता का दोस्त बंता उसके घर आया तो उसने रोब जमाने के लिए अपना तोता उसे दिखाया.
तोते की बाईं टांग उठाई…तोता बोला – ‘राम-राम !’
दाईं टांग उठाई … तोता बोला – ‘सत श्री अकाल !’
बंता यह देखकर बड़ा प्रभावित हुआ … बोला -’अगर दोनों टांगें पकड़कर उठाईं जाएँ तो …?’
जैसे ही दोनों टाँगे उठायीं गईं, तोता चिल्लाया – “गिराओगे क्या … हरामजादों !!”
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एक दिन संता की बेटी ने कहा – “पापा, कल आपके घर में एक सदस्य कम हो जायेगा !”
और अगले दिन वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई.
दुःख बांटने आये अपने दोस्त बंता से संता ने कहा – “लड़की ने काम तो गलत किया, पर थी वो पूरी ज्योतिषी”
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नेता की पत्नी: सुनो जी, मेरी चप्पल टूट गई है। शाम को मेरे लिए एक जोड़ी चप्पल लेकर आना।
नेता: शाम को एक जगह मेरा भाषण है। तुम भी मेरे साथ चलना और अपनी पसंद की जितनी मर्जी जोड़ियां उठा लाना!
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संता (ज्योतिषी से) – महाराज, बताइए मेरी शादी कब होगी ?
ज्योतिषी – कभी नहीं होगी.
संता – क्यों ?
ज्योतिषी – कैसे होगी ? तुम्हारे भाग्य में तो सुख ही सुख लिखा है … !
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ज्योतिषी – “आज किसी को तुमसे बड़ी निराशा होगी.”
ग्राहक – “शायद आप ठीक कह रहे हैं. मैं अपना पर्स घर पर ही भूल आया हूँ !”
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ज्योतिषी : अच्छा, तो आप अपने प्रेमी का भविष्य जानना चाहती हैं ?
गीता : जी नहीं, उसका भविष्य तो मेरे हाथ में है। आप तो उसके अतीत के बारे में बताइये ……
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